डीजी की प्रोफाइल

श्री आलोक चतुर्वेदी
श्री आलोक चतुर्वेदी एक कैरियर नौकरशाह हैं और भारतीय प्रशासनिक सेवा से संबंधित है। 1986 में आईएएस में शामिल हुए और बिहार कैडर से संबंधित हैं। श्री चतुर्वेदी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी टेक हैं और 2004 में ब्रिटेन के बर्मिंघम विश्वविद्यालय से एमबीए किया है। श्री चतुर्वेदी का प्रशासन में 32 साल का लंबा अनुभव है। उन्होंने भारत सरकार और त्रिपुरा और बिहार की राज्य सरकारों में विभिन्न पदों पर कार्य किया है।
उन्होंने जुलाई 2017 में डीजीएफटी में कार्यभार संभाला और इससे पहले वह जून, 2016 से एसईजेड और प्लांटेशन डिविजनों को संभालने वाले वाणिज्य विभाग में अपर सचिव थे। उन्होंने जून 2012 से 4 वर्षो तक मंत्रिमंडल सचिवालय में अवसंरचनात्मक मंत्रालयों से सम्बधित नीतिगत मुद्दों को संभालने वाले संयुक्त सचिव (अवसंरचना) के रुप में कार्य किया। इससे पहले 1998 से 2004 तक, वह नागरिक उड्डयन मंत्रालय में एयरपोर्ट, एयरलाइंस और द्विपक्षीय नागरिक उड्डयन समझौतों की देखरेख करने वाले निदेशक थे।

बिहार राज्य सरकार में श्री चतुर्वेदी जनवरी 2005 से मई 2008 तक सचिव, व्यय, वित्त विभाग थे। उनके पास 2005-2008 के दौरान बिहार राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम के प्रबंध निदेशक का प्रभार भी था। मई 2008 से दिसंबर 2008 तक उन्हें सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी और विज्ञान और प्रौद्योगिकी के रूप में तैनात किया गया था, इसके बाद उन्होंने बिहार सरकार के रेजिडेंट कमिशनर के रूप में दिल्ली में कार्यभार संभाला। इसके पहले बिहार राज्य सरकार के अपने कार्यकाल में, उन्होंने बिहार राज्य पाठ्यपुस्तक प्रकाशन निगम के प्रबंध निदेशक, उप विकास आयुक्त, जहानाबाद, संयुक्त सचिव, शहरी विकास और जिला मजिस्ट्रेट, साहेबगंज के रूप में काम किया।

इससे पहले कैरियर में त्रिपुरा राज्य सरकार में, उन्होंने उप मंडल मजिस्ट्रेट खोवाई, अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, दक्षिण त्रिपुरा जिला (उदयपुर) और त्रिपुरा चाय विकास निगम के प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया।

आईएएस में शामिल होने से पहले, श्री चतुर्वेदी ने कुल समय के लिए 1984 से सहायक सिग्नल और दूरसंचार अभियंता के रूप में भारतीय रेलवे में और 1982 से 1984 तक टाटा बर्रॉस लिमिटेड में सॉफ्टवेयर अभियंता के रूप में काम किया है।